ज्ञान GYAN
(1) जानने समझने के लिए इच्छा का होना महत्वपूर्ण है ,इच्छा सकारात्मक दिशा में हो ज्यादा इच्छा परशानी में डाल सकता है |
(२) उर्जा सही दिशा में लगाना चाहिए नही तो सब कुछ नष्ट कर सकता है|
(3) आत्मज्ञान के लिए - यह अनुभव करे कि मै शरीर नहीं हूं|
(4) खाने के प्रति चेतना - पेट भरने मात्र के लिए न खाए,बल्कि शरीर के आवश्यकता के अनुसार 50 प्रतिशत कच्चा और बाकि पका हुआ भोजन में जरुर सामिल होना चाहिए,साथ ही भोजन सात्विक हो व् चबाकर खाए पानी 1 घंटा पहले और 1 घंटा के बाद अर्थात जब शरीर मांग करे पीना चाहिए,ये सब बाते जागरूकता पर निर्भर करता है |
(5) आप वो नही जो सोचते है - आप जितना भी बाहरी सोचते है,बहुत बार दुःख भी पैदा होता है वो वास्तिविक नही है ,इसलिए आप जो कर रहे है वही सोचो|
(6) ईस वक्त अटल है - इस समय जो आप कर रहे है वो अटल है ,समय फिर से नही आता है इसलिए वर्तमान समय का अनुशासन के साथ उपयोग में लाये|
(7) जड़ता - किसी भी समय में किसी भी तथ्य को जड़ से देखे (अनुभव )करे|
(8) रिस्पोंड असीमित - हमारी जिम्मेदारी सिमित नही है ,बल्कि असीमित है जैसे हमारे दादा किसी से पैसा उधार लिया है ,वो तो नही रहे पर उसको चुकाने में हमारी जिम्मेदारी सम्मिलित है|
(9) मौन सभी ध्वनियो का सार है |